सतना जंक्शन के बाहर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की अव्यवस्था से रोजाना जाम लग रहा है। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े होने से यात्रियों, एम्बुलेंस और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सतना जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से एम्बुलेंस फंस रही हैं। अवैध पार्किंग और फेरी वालों की भरमार से मरीजों को इलाज तक पहुंचने में देरी हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतना दौरे के बाद शहर में अचानक यातायात व्यवस्था चरमरा गई। स्टेशन रोड, सिविल लाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे जाम ने आमजन, एम्बुलेंस और प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर 11 मील खजूरी जंक्शन पर ₹31 करोड़ की लागत से 850 मीटर लंबा सिक्सलेन फ्लाइओवर बनेगा। यह फ्लाइओवर 2028 उज्जैन सिंहस्थ में ट्रैफिक मैनेजमेंट में अहम होगा।
सतना शहर में सर्किट हाउस चौक, भरहुत मोड़, सेमरिया चौक और बिरला रोड जैसी मुख्य सड़कों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण से यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है। सुबह से रात तक जाम की स्थिति बनी रहती है, जबकि पुलिस और प्रशासन इस समस्या पर गंभीर नहीं दिखते। विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स भी इस मुद्दे पर चुप है, जिससे शहरवासियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
सतना का रेलवे माल गोदाम बीते एक दशक से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बना हुआ है। भारी ट्रकों की आवाजाही से स्टेशन रोड अराजकता का शिकार है। 12 वर्षों से शिफ्टिंग की बातें हो रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। व्यापारी और जनता दोनों परेशान हैं।


















